खेतों का असली रक्षक है ‘नीलकंठ’ पक्षी! सांपों का भी करता है शिकार… आखिर क्या है इसका रहस्य?
क्या आपने कभी आसमान में नीले रंग के चमकदार पंखों वाला खूबसूरत पक्षी उड़ते देखा है? गांवों और खेतों के आसपास अक्सर दिखाई देने वाला यह पक्षी सिर्फ सुंदर ही नहीं, बल्कि किसानों का बड़ा मददगार भी माना जाता है। हम बात कर रहे हैं ‘नीलकंठ’ यानी Indian Roller Bird की, जिसे हिंदू धर्म में बेहद शुभ माना जाता है। Join Telegram For Fast Update Join भारत में दशहरा के दिन नीलकंठ पक्षी दिखाई देना शुभ संकेत माना जाता है। मान्यता है कि भगवान राम ने लंका विजय से पहले नीलकंठ के दर्शन किए थे। यही वजह है कि आज भी लोग इस पक्षी को सौभाग्य और सफलता का प्रतीक मानते हैं। क्यों खास है नीलकंठ पक्षी? नीलकंठ पक्षी अपने चमकीले नीले और बैंगनी पंखों के कारण बेहद आकर्षक दिखाई देता है। उड़ते समय इसके पंख आसमान में किसी रंगीन शो की तरह नजर आते हैं। इसी वजह से इसे भारत के सबसे सुंदर पक्षियों में गिना जाता है। यह पक्षी भारत के कई राज्यों जैसे ओडिशा, तेलंगाना और कर्नाटक का राज्य पक्षी भी है। किसानों का दोस्त क्यों कहलाता है? नीलकंठ खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीड़े-मकोड़ों को खा जाता है। इसकी डाइट में शामिल होते हैं: टिड्डे बीटल कीड़े-मकोड़े छिपकली मेढक छोटेसांप यही वजह है कि किसान इसे खेतों का प्राकृतिक रक्षक मानते हैं। कई बार यह ट्रैक्टर के पीछे-पीछे उड़ता दिखाई देता है ताकि मिट्टी से बाहर आने वाले कीड़ों को पकड़ सके। क्या सच में सांप खाता है नीलकंठ? हाँ, Indian Roller छोटे सांपों और रेंगने वाले जीवों का शिकार भी करता है। हालांकि इसका मुख्य भोजन कीड़े होते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर यह छोटे सांप और मेंढक भी खा जाता है। भगवान शिव से क्या है इसका संबंध? ‘नीलकंठ’ नाम भगवान शिव से जुड़ा हुआ है। पौराणिक कथाओं के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान शिवजी ने विष पिया था, जिससे उनका कंठ नीला हो गया था। इसी कारण इस पक्षी को भी नीलकंठ कहा जाने लगा। उड़ान देखकर लोग रह जाते हैं हैरान प्रजनन के समय नर नीलकंठ हवा में कलाबाजियां दिखाता है। वह आसमान में तेजी से गोता लगाता है और रोल करता है। इसी वजह से इसका नाम “Roller Bird” पड़ा। इंसानों के बीच रहना पसंद करता है नीलकंठ अक्सर बिजली के तारों, पेड़ों या खेतों के किनारे बैठा दिखाई देता है। यह इंसानी बस्तियों और खेती वाले इलाकों में आसानी से खुद को ढाल लेता है। अंधविश्वास बना खतरा जहां एक तरफ लोग इसे शुभ मानते हैं, वहीं कई जगह त्योहारों में इस पक्षी को पकड़कर कैद किया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार इससे नीलकंठ की संख्या पर असर पड़ सकता है। नीलकंठ पक्षी से जुड़े रोचक तथ्य इसकावैज्ञानिक नाम Coracias benghalensis है। यहभारत समेत दक्षिण एशिया के कई देशों में पाया जाता है। उड़तेसमय इसके पंख चमकीले नीले दिखाई देते हैं। […]




























