Bihar Agriculture Scheme 2026: किसानों के लिए बड़ी राहत, कृषि यंत्रों पर मिलेगा अनुदान; 30 सितंबर तक आवेदन का मौका
पटना: बिहार में खेती को आधुनिक और आसान बनाने की दिशा में सरकार ने किसानों के लिए कृषि यांत्रिकीकरण योजना के तहत कृषि यंत्रों पर अनुदान देने की प्रक्रिया शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को आधुनिक मशीनों और तकनीक से जोड़ना है, ताकि खेती में समय और मेहनत दोनों की बचत हो सके। Join Telegram For Fast Update Join सरकार की योजना में खेत की जुताई, बुआई, निकाई-गुड़ाई, सिंचाई, कटाई, फसल ढुलाई और उद्यान से जुड़े अलग-अलग कामों के लिए इस्तेमाल होने वाले 86 प्रकार के कृषि यंत्र शामिल हैं। इसके लिए 236 करोड़ 58 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। किसानों को कृषि यंत्र खरीदने पर मिलेगा अनुदान इस योजना के तहत पात्र किसान अपनी जरूरत के अनुसार कृषि उपकरण खरीदने के लिए सरकारी अनुदान का लाभ ले सकते हैं। हालांकि, हर किसान को एक समान राशि नहीं मिलेगी। अनुदान की रकम संबंधित कृषि यंत्र की निर्धारित कीमत, उस पर लागू अनुदान प्रतिशत, किसान की श्रेणी और सरकार द्वारा तय अधिकतम सीमा के आधार पर निर्धारित होगी। उदाहरण के तौर पर यदि किसी कृषि यंत्र की कीमत 5 लाख रुपये है और उस पर पात्र किसान को 40 प्रतिशत अनुदान मिलता है, तो गणना के अनुसार अनुदान 2 लाख रुपये होगा। लेकिन यदि सरकार ने उस यंत्र पर अधिकतम अनुदान की सीमा 1.50 लाख रुपये तय की है, तो किसान को अधिकतम 1.50 लाख रुपये ही मिलेंगे। इसलिए मशीन की पूरी बाजार कीमत देखकर सब्सिडी की राशि तय नहीं होती। 30 सितंबर तक कर सकते हैं आवेदन बिहार के किसानों के लिए इस योजना में आवेदन करने की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। व्यक्तिगत किसान कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा Custom Hiring Centre, Farm Machinery Bank और Special Custom Hiring Centre से संबंधित आवेदन भी किए जा सकते हैं। इच्छुक किसान कृषि विभाग की वेबसाइट और OFMS पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। निर्धारित समय के भीतर प्राप्त आवेदनों में पात्र किसानों का चयन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। चयन के बाद स्वीकृति पत्र जारी किया जाएगा, जिसकी वैधता 15 दिनों की होगी। इस अवधि में कृषि यंत्र की खरीद नहीं करने पर स्वीकृति पत्र स्वतः रद्द हो सकता है। अत्यंत पिछड़ा वर्ग के किसानों के लिए भी प्रावधान योजना में अलग-अलग किसान वर्गों को ध्यान में रखते हुए अनुदान का प्रावधान किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार जिले के आवंटित बजट में से कम से कम 18 प्रतिशत राशि अत्यंत पिछड़ा वर्ग के किसानों के लिए एससी-एसटी के समान अनुदान के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। खेती में बढ़ेगा ड्रोन का इस्तेमाल बिहार में पारंपरिक कृषि उपकरणों के साथ-साथ आधुनिक तकनीक को भी खेती से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। कृषि क्षेत्र में ड्रोन का इस्तेमाल फसलों पर दवा और पोषक तत्वों के छिड़काव जैसे कामों को कम समय में पूरा करने में मदद कर सकता है। बिहार में बड़े कृषि क्षेत्र में ड्रोन के इस्तेमाल की योजना भी सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक करीब 2.85 लाख एकड़ कृषि क्षेत्र में ड्रोन के जरिए कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने की तैयारी है। इससे किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीक पहुंचाने और खेती की कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह योजना? […]






























