World’s Toughest Education: दुनिया के 10 देश जहाँ की पढ़ाई Toughest है, जानिए भारत किस नंबर पर है!

क्या आपको लगता है कि भारत में पढ़ाई का प्रेशर सबसे ज़्यादा है? MSN और वैश्विक शिक्षा सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में कई ऐसे देश हैं जहाँ का एजुकेशन सिस्टम बच्चों को सुबह से रात तक किताबों में डुबोकर रखता है. इन देशों में मैराथन स्टडी सेशन्स, ट्यूशन कल्चर्स और खतरनाक कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स छात्रों को उनके मानसिक सीमाओं तक धकेल देते हैं.

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दुनिया के सबसे कठिन शिक्षा तंत्र (Quick Overview)

Rank देश का नाम मुख्य विशेषता
1 दक्षिण कोरिया (South Korea) सुनेउंग (Suneung Exam) – 16 घंटे की पढ़ाई का प्रेशर
2 जापान (Japan) शिकेन जिगोकु (Exam Hell) – प्राथमिक स्कूल से ही होड़
3 चीन (China) गाओकाओ (Gaokao) – 12-12 घंटे का डेली वर्कलोड
4 सिंगापुर (Singapore) PSLE (Age 12) – बचपन से ही ट्रैक फिल्टरिंग
5 भारत (India) IIT-JEE, NEET & UPSC – लाखों में से कुछ हजार का चयन

टॉप 5 देशों का एजुकेशन स्ट्रक्चर और स्टूडेंट स्ट्रेस (System Details)

इन देशों में पढ़ाई का ढांचा और बच्चों पर परीक्षा का दबाव किस कदर हावी रहता है, इसे नीचे दी गई टेबल से समझिए:

Country Structure Stress Level Primary Reason
दक्षिण कोरिया 6-3-3-4 35.6% से अधिक रात 11 बजे तक “हागवोन” (प्राइवेट कोचिंग)
जापान 6-3-3-3 अत्यधिक उच्च “जुकु” क्रैम स्कूल और सामाजिक प्रतिष्ठा का दबाव
चीन 6-3-3-4 67.50% गाओकाओ परीक्षा से पूरी जिंदगी का फैसला होना
सिंगापुर 6-6-3 63.00% मेरिट-बेस्ड सिस्टम में गलती की कोई गुंजाइश नहीं
भारत 5-3-3-4 / बोर्ड बेहद चिंताजनक असीमित सिलेबस, कट-थ्रोट कॉम्पिटिशन और सीमित सीटें

 इन देशों की पढ़ाई क्यों मानी जाती है “नरक”? (Core Features)

  • दक्षिण कोरिया(रैंक 1): यहाँ छात्र कॉलेज एंट्रेंस एग्जाम ‘Suneung’ के लिए दिन में औसतन 16 घंटे पढ़ते हैं. स्कूल के बाद रात 10-11 बजे तक कोचिंग सेंटर (Hagwons) जाना अनिवार्य माना जाता है.
  • जापान(रैंक 2): यहाँ की परीक्षाओं को ‘शिकेन जिगोकु’ यानी परीक्षा का नरक” कहा जाता है. यूनिवर्सिटी एंट्रेंस के लिए बच्चे स्कूल के साथ ‘जुकु’ (Cram Schools) में रातें बिताते हैं
  • चीन(रैंक 3): यहाँ की Gaokao परीक्षा को दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है. 12-12 घंटे की लगातार पढ़ाई और माता-पिता की उम्मीदें बच्चों पर भारी दबाव बनाती हैं.
  • सिंगापुर(रैंक 4): यहाँ महज 12 साल की उम्र में होने वाली राष्ट्रीय परीक्षा (PSLE) यह तय कर देती है कि बच्चा भविष्य में किस स्ट्रीम में जाएगा.
  1. भारत(रैंक 5):भारत अपनी IIT-JEE, NEET और UPSC जैसी कठिन परीक्षाओं और 10वीं-12वीं के बोर्ड एग्जाम के भारी सिलेबस के कारण इस लिस्ट में मजबूती से खड़ा है.

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