Budget 2026: शिक्षा, टैक्स और महंगाई पर बड़ा ऐलान | जानिए क्या सस्ता हुआ, क्या महंगा

1 फरवरी 2026 को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत का Union Budget 2026-27 संसद में पेश किया। यह भारत के वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आर्थिक योजना और खर्च-आय का विस्तृत रूपरेखा है, जो “विकसित भारत 2047″ के विज़न से प्रेरित है।

🎯 बजट के मुख्य उद्देश्य

  1. आर्थिक विकास को गति देना
  2. निर्माण, शिक्षा एवं स्वास्थ्य में निवेश
  3. कर सुधार और टैक्स-लाभ योजनाएँ
  4. निवेश और रोजगार सृजन
    सामान्य उद्देश्य: स्थिरता, समावेशन और सबका विकास।
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📊 शिक्षा बजट 2026: विस्तार से

📌 बजट आबंटन में वृद्धि

  • शिक्षा के कुल बजट में 8% से भी अधिक वृद्धि हुई है।
  • स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा के लिए अलग-अलग आवंटन में इज़ाफ़ा।

📌 परियोजनाएँ और योजनाएँ

  1. हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण — महिला छात्रों को प्रोत्साहन।
  2. 5 विश्वविद्यालय टाउनशिप का निर्माण — उच्च शिक्षा के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर।
  3. IIT Creator Labs और कौशल विकास पर जोर — छात्रों को टेक्नोलॉजी-उन्मुख बना रहा है।
  4. कॉलेज/स्कूल में कंटेंट क्रिएशन लैब्स — AVGC (एनीमेशन, वीएफएक्स, गेमिंग) क्षेत्रों को फैलावा।
  5. स्टूडेंट्स के लिए विदेश शिक्षा आसान बनाने के उपाय (TCS कम) — शिक्षा खर्च कम।

🎓 विशेष जानकारी

  • शिक्षा और रोज़गार के बीच संबंध पर ज़ोर देना।
  • STEM और नौकरी-उन्मुख शिक्षा पर विशेष फ़ोकस।

👉 कुल मिलाकर, शिक्षा क्षेत्र को रोजगार, कौशल और तकनीकी दक्षता के केंद्र के रूप में देखा गया है।

💰 क्या सस्ता और क्या महंगा हुआ?

📉 सस्ता होने वाले खर्च/वस्तुएँ

विदेशी शिक्षा पर्यटन खर्च – TCS घटा 2% तक।
माइक्रोवेव ओवन, स्मार्टफोन, EV घटक – कस्टम्स ड्यूटी में कटौती।
ऊर्जा-ट्रांज़िशन उपकरण, सोलर ग्लास – ड्यूटी छूट।
कैंसर और दुर्लभ बीमारी की दवाइयाँ – ड्यूटी मुक्त।
पर्सनल-यूज़ सामानों पर आयात शुल्क घटा

➡️ इन कटौतियों का लक्ष्य रोज़गार स्वास्थ्य सुधार के साथ जीवन की लागत कम करना है।

📈 महंगे होने वाले खर्च/वस्तुएँ

फ्यूचर्स-ऑप्शंस ट्रेडिंग – STT बढ़ा दिया गया।
कुछ टैक्स अनुपालन और पेनल्टीज़ गंभीर – टैक्स रिपोर्टिंग में दोषों पर भारी पेनल्टी।
कुछ कृषि/उद्योग वस्तुएं महंगी हो सकती हैं (स्पेसिफिक इंपोर्ट टैक्स हटानों में परिवर्तन)।

👉 कुल मिलाकर, औद्योगिक समर्थन के साथ कुछ क्षेत्रों में लागत बढ़ी है।

 Sovereign Gold Bonds (SGB) में टैक्स परिवर्तन

📌 क्या बदला?

  • बजट 2026 मेंSGB (सोवरेन गोल्ड बॉन्ड) पर कैपिटल गेन्स टैक्स की रोक हटाई जा रही है यदि ब्यक्ति सेकेंडरी मार्केट से खरीदता है।
    • केवल वही निवेशक टैक्स-मुक्त कैपिटल गेन्स का लाभ पा सकते हैं, जो पहले से जारी किए गए SGB को म्यॉच्योरिटी तक होल्ड करते हैं

👉 इस बदलाव के कारण सेकेंडरी मार्केट में SGB के निवेश पर टैक्स लागू होगा, जिससे कुछ निवेशकों के रिटर्न प्रभावित होंगे।

📑 अन्य प्रमुख कर और नीतिगत बदलाव

📌 इनकम टैक्स स्लैब और नीतियाँ

✔️ कर स्लैब में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ, लेकिन अन्य टैक्स नियमों में संशोधन।

✔️ TCS के नए नियम से विदेशी शिक्षा/यात्रा आदि पर टैक्स बोझ कम हुआ है।

✔️ डब्ल्यू-एसेट/NRIs पर नई TDS नीति लागू।

📌 इन्फ्रास्ट्रक्चर और निवेश बल

📌 पूंजीगत व्यय ₹12.2 लाख करोड़ तक बढ़ाया गया।
📌 उच्च-गति रेल और रणनीतिक औद्योगिक कॉरिडोर।

📌 निष्कर्ष

👨‍🎓 शिक्षा को इस बजट में बढ़ा हुआ महत्व मिला है — इंफ्रास्ट्रक्चर, कौशल, लैब्स और छात्र-सुविधाएँ।
💰 उपभोक्ता तथा स्वास्थ्य खर्च में राहत-उन्मुख बदलाव किये गए हैं।
📉 कुछ टैक्स भार बढ़े / अनुपालन कड़े हुए हैं, विशेषकर निवेश-संकेतकों के लिये।
📈 SGB निवेशकों को टैक्स में बदलाव से सतर्क रहना चाहिए

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