क्या आप जानते हैं? भारत का पहला आधार कार्ड किसे मिला था? जवाब जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे!

क्या आपको लगता है कि भारत का पहला आधार कार्ड किसी बड़े नेता, अधिकारी या मशहूर व्यक्ति को मिला होगा? अगर आपका जवाब “हाँ“ है, तो आप गलत हैं। Join Telegram For Fast Update Join भारत का पहला आधार कार्ड न किसी मंत्री के नाम जारी हुआ था और न ही किसी उद्योगपति के। बल्कि यह सम्मान मिला था महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले के तेंभली (Tembhali) गांव की रहने वाली एक आदिवासी महिला – रंजना सदाशिव सोनवणे (Ranjana Sadashiv Sonawane) को। उन्हें 29 सितंबर 2010 को देश का पहला आधार नंबर जारी किया गया था। यह आधार पत्र तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने राष्ट्रीय लॉन्च कार्यक्रम के दौरान उन्हें सौंपा था। आखिर एक आदिवासी महिला को ही पहला आधार कार्ड क्यों मिला? आधार योजना का उद्देश्य सिर्फ पहचान पत्र बनाना नहीं था, बल्कि देश के हर निवासी खासतौर पर गरीब, ग्रामीण और वंचित वर्ग—तक सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचाना था। इसी सोच के तहत पहले आधार नंबर के लिए किसी बड़े शहर या प्रसिद्ध व्यक्ति की बजाय एक दूरदराज़ गांव की महिला को चुना गया। पहला आधार कार्ड मिलने के समय कौन–कौन मौजूद था? 29 सितंबर 2010 को आयोजित कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियां मौजूद थीं, जिनमें शामिल थे तत्कालीनप्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह तत्कालीनयूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी UIDAI केपहले अध्यक्ष नंदन नीलेकणी इसी कार्यक्रम के साथ आधार परियोजना का राष्ट्रीय स्तर पर औपचारिक शुभारंभ हुआ। क्या आप यह भी जानते हैं? रंजनासोनवणे के 5 वर्षीय बेटे हितेश को देश का दूसरा आधार नंबर जारी किया गया था। उससमय आधार दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल पहचान परियोजनाओं में से एक बनने की शुरुआत कर रहा था। आजआधार भारत के लगभग हर सरकारी और कई निजी डिजिटल सेवाओं की पहचान प्रणाली का अहम हिस्सा बन चुका है। आज आधार कार्ड का महत्व आज आधार कार्ड केवल पहचान का दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि कई सेवाओं में इसका उपयोग किया जाता है, जैसे— बैंकखाता खोलना सरकारीयोजनाओं का लाभ LPG सब्सिडी पेंशन छात्रवृत्ति मोबाइलसिम सत्यापन विभिन्नसरकारी सेवाओं में पहचान प्रमाण हालांकि, किन सेवाओं में आधार आवश्यक है, यह समय-समय पर लागू नियमों और न्यायालयों के निर्देशों के अनुसार तय होता है। रोचक तथ्य भारत का पहला आधार कार्ड किसी पुरुष को नहीं, बल्कि एक आदिवासी महिला रंजना सदाशिव सोनवणे को जारी किया गया था। यह फैसला इस बात का प्रतीक था कि डिजिटल पहचान की इस नई पहल का उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक पहुंचना था, […]

Plastic Note Revolution: भारत में आ रहे हैं प्लास्टिक के नोट, RBI का 5 शहरों में महा-ट्रायल शुरू!

क्या आपके नोट भी जेब में रखे-रखे फट जाते हैं या पानी में भीगकर खराब हो जाते हैं? अब इस टेंशन से हमेशा के लिए छुट्टी मिलने वाली है! भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश में कागजी नोटों को बदलकर प्लास्टिक करेंसी (Polymer Notes) लाने की पूरी तैयारी कर चुका है. देश की पूरी करेंसी व्यवस्था को बदलने […]

जापान में भीषण भूकंप से तबाही: 13 लोगों की मौत, सैकड़ों घायल, हजारों राहत शिविरों में पहुंचे

जापान के दक्षिणी द्वीप क्यूशू (Kyushu) के कुमामोटो प्रीफेक्चर (Kumamoto Prefecture) में मंगलवार को आए शक्तिशाली 7.1 तीव्रता के भूकंप ने भारी तबाही मचा दी। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं। कई इमारतें ढह गईं, एक शॉपिंग मॉल में विस्फोट हुआ और हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। बचाव दल अब भी मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं। Join Telegram For Fast Update Join 7.1 तीव्रता के भूकंप से कांपा दक्षिणी जापान जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के अनुसार, भूकंप का केंद्र कुमामोटो प्रीफेक्चर के दक्षिणी हिस्से में था। तेज झटकों के बाद कई आफ्टरशॉक्स भी महसूस किए गए, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। शुरुआत में सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी, जिसे बाद में वापस ले लिया गया। 13 लोगों की मौत, कई अब भी लापता प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस हादसे में 13 लोगों की मौत हो चुकी है। कई लोग अभी भी लापता हैं और उनके मलबे में फंसे होने की आशंका है। अस्पतालों में बड़ी संख्या में घायलों का इलाज चल रहा है। शॉपिंग मॉल में विस्फोट और इमारतें ढहीं भूकंप के बाद AEON Mall में जोरदार विस्फोट हुआ, जिसके पीछे गैस रिसाव की आशंका जताई जा रही है। मॉल का एक हिस्सा ढह गया और कई लोग उसके अंदर फंस गए। इसके अलावा कई मकान, व्यावसायिक इमारतें और एक पेपर फैक्ट्री भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। हजारों लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में भेजा है। हजारों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। जापान की सेल्फ-डिफेंस फोर्स, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें लगातार राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। परिवहन और बिजली व्यवस्था प्रभावित भूकंप के कारण कई प्रमुख सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं। रेल सेवाएं और उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी गईं। लगभग 48,000 घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हुई। कई औद्योगिक इकाइयों ने भी सुरक्षा कारणों से उत्पादन रोक दिया है। ऐतिहासिक कुमामोटो किले को भी नुकसान करीब 400 वर्ष पुराने कुमामोटो कैसल की पत्थर की दीवारों का कुछ हिस्सा भूकंप में ढह गया। यह किला पहले भी 2016 के विनाशकारी भूकंप में क्षतिग्रस्त हुआ था और अभी मरम्मत का कार्य जारी था। आफ्टरशॉक्स का खतरा बरकरार विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक तेज आफ्टरशॉक्स आ सकते हैं। प्रशासन ने लोगों से क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने और केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है। जापान में बार–बार क्यों आते हैं भूकंप? जापान दुनिया के सबसे अधिक भूकंप प्रभावित देशों में से एक है। यह Pacific Ring of Fire पर स्थित है, जहां कई टेक्टोनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं। इसी कारण यहां अक्सर शक्तिशाली भूकंप आते रहते हैं और देश ने इसके लिए उन्नत आपदा प्रबंधन प्रणाली विकसित की है। For the latest update about Govt. Job, […]