एल. मुरुगन ने केंद्रीय राज्य मंत्री पद और राज्यसभा की सदस्यता से दिया इस्तीफा, जानें पूरी खबर

Murugan Resignation 2026:केंद्रीयराज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने अपने मंत्री पद और राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपने फैसले की जानकारी दी। उनके इस्तीफे के पीछे तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संगठन को मजबूत करने और पार्टी के लिए जमीनी स्तर पर काम करने की इच्छा बताई जा रही है। Murugan Resignation 2026: मुख्यजानकारी नेताका नाम: डॉ. एल. मुरुगन पद:केंद्रीय राज्य मंत्री पार्टी:भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस्तीफा:मंत्री पद और राज्यसभा सदस्यता इस्तीफादेने वाले: डॉ. एल. मुरुगन प्रमुखउद्देश्य: तमिलनाडु में बीजेपी संगठन को मजबूत करना संबंधितराज्य: तमिलनाडु Join Telegram For Fast Update Join एल. मुरुगन ने क्यों दिया इस्तीफा? डॉ. एल. मुरुगन तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी को मजबूत करने के लिए जमीनी स्तर पर काम करना चाहते हैं। इसी उद्देश्य से उन्होंने केंद्रीय मंत्री पद और राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने का फैसला किया है। उनका ध्यान अब पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर संगठन के विस्तार और राज्य में बीजेपी का जनाधार बढ़ाने पर रहेगा। एल. मुरुगन का राजनीतिक सफर डॉ. एल. मुरुगन भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। वह तमिलनाडु बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया है। जुलाई 2021 में उन्हें केंद्र सरकार में राज्य मंत्री बनाया गया था। वर्ष 2024 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में भी उन्हें मंत्री पद की जिम्मेदारी मिली। आगे क्या करेंगे एल. मुरुगन? मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद एल. मुरुगन का मुख्य फोकस तमिलनाडु में पार्टी की संगठनात्मक स्थिति को मजबूत करने पर रहेगा। आगामी लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ उनका जुड़ाव और राज्य में बीजेपी के विस्तार की रणनीति महत्वपूर्ण हो सकती है। नोट: इस्तीफे की तारीख, राज्यसभा सदस्यता छोड़ने की औपचारिक स्थिति और आगे की राजनीतिक जिम्मेदारियों से संबंधित जानकारी प्रकाशित करने से पहले आधिकारिक घोषणा से सत्यापित करें। For the latest update about Govt. Job, please […]

HDFC Bank लाया है पढ़ाई का शानदार मौका! Parivartan’s ECSS Programme 2026-27

क्या आप स्कूल या कॉलेज के छात्र हैं और अपनी पढ़ाई के लिए बड़ी वित्तीय सहायता ढूंढ रहे हैं? HDFC Bank अपने CSR पहल के तहत लेकर आया है HDFC Bank Parivartan’s ECSS Programme 2026-27। इस बेहतरीन स्कॉलरशिप प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमज़ोर और संकट का सामना कर रहे होनहार छात्रों को कक्षा 1 से लेकर पोस्ट-ग्रेजुएशन (PG) तक की पढ़ाई पूरी करने के लिए पैसों की मदद देना है। Join Telegram For Fast Update Join स्कॉलरशिप की सबसे बड़ी हाईलाइट्स (Key Highlights) अधिकतमलाभ: छात्रों को उनके कोर्स के आधार पर ₹15,000 से लेकर ₹75,000 सालाना तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी。 किसेमिलेगी प्राथमिकता: ऐसे छात्र जिन्होंने पिछले 3 वर्षों में किसी व्यक्तिगत या पारिवारिक संकट (Crisis) का सामना किया हो और जिनके स्कूल/कॉलेज छोड़ने का जोखिम हो, उन्हें चयन में प्राथमिकता मिलेगी。 आवेदनशुल्क: इस स्कॉलरशिप के लिए अप्लाई करना पूरी तरह मुफ्त (No Application Fee) है。 अप्लाईमोड: संपूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन है。 पात्रता और मुख्य शर्तें (Eligibility Criteria) इस स्कॉलरशिप के लिए अप्लाई करने से पहले नीचे दी गई ज़रूरी शर्तों को ध्यान से देख लें: राष्ट्रीयता:आवेदक का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है。 शैक्षणिकयोग्यता: छात्र वर्तमान में स्कूल (कक्षा 1 से 12), डिप्लोमा, ITI, पॉलिटेक्निक, UG या PG कोर्स में पढ़ रहा हो。 न्यूनतमअंक: पिछली वार्षिक परीक्षा में कम से कम 55% अंक होना ज़रूरी है。 पारिवारिकआय: सभी स्रोतों को मिलाकर परिवार की सालाना आय ₹2.5 लाख या उससे कम होनी चाहिए。 शिक्षा स्तर के अनुसार स्कॉलरशिप राशि (Scholarship Benefits) चयनित छात्रों को उनके वर्तमान कोर्स के अनुसार दी जाने वाली सहायता राशि नीचे दी गई है: कक्षा1 से 6 के छात्र: ₹15,000 सालाना कक्षा7 […]

Madhu Kambikar Death News: मशहूर मराठी अभिनेत्री मधु कांबीकर का 73 साल की उम्र में निधन, लावणी कला में छोड़ी खास पहचान

Madhu Kambikar Death News: मराठी सिनेमा और महाराष्ट्र की पारंपरिक लोककला के लिए एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेत्री और प्रसिद्ध लावणी कलाकार मधु कांबीकर का 12 अक्टूबर 2026 को पुणे में निधन हो गया। वह 73 वर्ष की थीं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह पिछले कई वर्षों से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही थीं। उनके निधन से मराठी मनोरंजन जगत और लोककला से जुड़े कलाकारों में शोक है। Join Telegram For Fast Update Join मधु कांबीकर ने अपने चार दशक से अधिक लंबे करियर में मराठी फिल्मों, थिएटर, टेलीविजन और लोकनाट्य के माध्यम से दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई। अभिनय के साथ-साथ लावणी नृत्य में उनके योगदान को भी याद किया जा रहा है। Madhu Kambikar का 73 साल की उम्र में निधन मधु कांबीकर ने पुणे में अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से बीमार थीं और 2016 में मंच पर प्रस्तुति के दौरान स्ट्रोक आने के बाद उनकी सेहत पर गंभीर असर पड़ा था। इस घटना के बाद उन्हें कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा और वह सार्वजनिक मंचों से दूर हो गई थीं। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित कई लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनके कला जगत में योगदान और यादगार भूमिकाओं को याद किया गया। मंच पर प्रस्तुति के दौरान बिगड़ी थी तबीयत मधु कांबीकर की जिंदगी में साल 2016 एक बड़ा मोड़ साबित हुआ। रिपोर्ट्स के अनुसार, 27 नवंबर 2016 को मुंबई के यशवंत नाट्य मंदिर में एक कार्यक्रम के दौरान वह लावणी प्रस्तुति दे रही थीं। इसी दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। बताया जाता है कि उन्हें स्ट्रोक आया था, जिसके कारण उनके शरीर का दायां हिस्सा प्रभावित हुआ। इसके बाद उनकी सेहत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ और उन्हें अभिनय तथा मंचीय प्रस्तुतियों से दूरी बनानी पड़ी। कई वर्षों तक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझने के बाद 12 अक्टूबर 2026 को उनका निधन हो गया। Madhu Kambikar Career: मराठी फिल्मों से थिएटर तक बनाई पहचान मधु कांबीकर ने मराठी मनोरंजन जगत में अपने अभिनय से अलग पहचान बनाई थी। उन्होंने फिल्मों के अलावा लोकनाट्य, व्यावसायिक रंगमंच और टेलीविजन में भी काम किया। गंभीर किरदारों से लेकर हास्य भूमिकाओं तक, उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदारों को पर्दे पर उतारा। फिल्म ‘शापित’ में उनके अभिनय को विशेष पहचान मिली। इसके अलावा वह ‘हेच माझं माहेर’, ‘राघुमैना’, ‘एक होता विदूषक’, ‘झपाटलेला’, ‘देबू’ और ‘येऊ का घरात’ जैसी फिल्मों में भी नजर आईं। उनकी भूमिकाओं ने मराठी दर्शकों के बीच उन्हें लोकप्रिय बनाया। फिल्मों के साथ थिएटर में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। उनके अभिनय की विविधता और सहज प्रस्तुति को उनके करियर की खास विशेषताओं में गिना जाता है। लावणी कला को लोकप्रिय बनाने में दिया योगदान मधु कांबीकर की पहचान केवल एक अभिनेत्री के रूप में नहीं थी। वह महाराष्ट्र की पारंपरिक लोककला लावणी की प्रमुख कलाकारों में भी शामिल थीं। लावणी संगीत, नृत्य और अभिनय का ऐसा लोकप्रदर्शन है, जिसका महाराष्ट्र की सांस्कृतिक परंपरा में विशेष स्थान है। मधु कांबीकर ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से इस कला को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने में योगदान दिया। उन्होंने लोकनाट्य और पारंपरिक मंचीय प्रस्तुतियों में भी सक्रिय भूमिका निभाई। उनकी कला में अभिनय और नृत्य का सुंदर मेल देखने को मिलता था। […]