सिनेमाघरों में गूंजा जय श्री राम! जानिए कैसे ‘हनुमान अंश’ फिल्म ने बॉक्स ऑफिस के बड़े-बड़ों को चौंकाया!

नीम करोली बाबा के जीवन से प्रेरित भक्ति ड्रामा फिल्म ‘हनुमान अंश‘ ने सिनेमाघरों में इतिहास रच दिया है। रिलीज के समय इस फिल्म का कोई शोर नहीं था, लेकिन दर्शकों की तारीफों (Word of Mouth) ने इसे साल की सबसे बड़ी सरप्राइज हिट बना दिया है! Join Telegram For Fast Update Join फिल्म की जादुई रिकवरी […]

Women’s Asia Cup 2026: भारत ने थाईलैंड को 94 रन से रौंदा, शेफाली का तूफानी अर्धशतक; प्रतिका रावल का T20I डेब्यू यादगार

Women’s Asia Cup 2026, India vs Thailand: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने महिला एशिया कप 2026 में अपने अभियान की शुरुआत शानदार जीत के साथ की है। दुबई में खेले गए ग्रुप-A के मुकाबले में भारत ने थाईलैंड को 94 रन से करारी शिकस्त दी। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 20 ओवर में 9 विकेट पर 159 रन बनाए, जिसके जवाब में थाईलैंड की पूरी टीम सिर्फ 65 रन पर सिमट गई। Join Telegram For Fast Update Join भारत की जीत में शेफाली वर्मा ने बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया, जबकि गेंदबाजों ने थाईलैंड की बल्लेबाजी को पूरी तरह दबाव में रखा। शेफाली ने सिर्फ 36 गेंदों में 64 रन की तूफानी पारी खेली। वहीं गेंदबाजी में दीप्ति शर्मा और नंदिनी शर्मा ने तीन-तीन विकेट लेकर भारत को बड़ी जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। India vs Thailand: मैच का पूरा हाल थाईलैंड की कप्तान थिपाचा पुथावोंग ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाया। भारतीय टीम की शुरुआत आक्रामक रही और ओपनर शेफाली वर्मा ने आते ही थाई गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। इस मुकाबले की एक खास बात यह भी रही कि प्रतिका रावल ने भारत के लिए अपना पहला T20I मुकाबला खेला। उन्हें चोटिल जेमिमा रोड्रिग्स की जगह टीम में शामिल किया गया था। प्रतिका ने अपने डेब्यू मैच में 18 गेंदों पर 22 रन बनाए और शेफाली के साथ शुरुआती साझेदारी में अहम योगदान दिया। शेफाली वर्मा का बल्ला गरजा भारतीय पारी की सबसे बड़ी स्टार शेफाली वर्मा रहीं। उन्होंने 36 गेंदों पर 64 रन की तेजतर्रार पारी खेली। उनकी पारी में: 8 चौके 3 छक्के 36 गेंदोंपर 64 रन शामिल रहे। शेफाली की आक्रामक बल्लेबाजी ने भारत को तेज शुरुआत दिलाई। हालांकि उनके आउट होने के बाद भारतीय मध्यक्रम को रन बनाने में परेशानी हुई और टीम लगातार विकेट गंवाती रही। इसके बावजूद भारत 159 रन तक पहुंचने में सफल रहा। प्रतिका रावल का T20I डेब्यू इस मुकाबले में भारतीय क्रिकेट के लिए एक और बड़ी खबर प्रतिका रावल का T20I डेब्यू रहा। वनडे क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने के बाद प्रतिका को अब टी20 इंटरनेशनल में मौका दिया गया। उन्होंने अपने पहले T20I […]

Touch Wood क्यों कहते हैं? अच्छी बात के बाद लकड़ी छूने की अजीब परंपरा का क्या है राज?

Touch Wood Meaning: आपने अक्सर लोगों को कोई अच्छी बात कहते हुए अचानक लकड़ी छूते या लकड़ी पर हल्का सा हाथ मारते हुए देखा होगा। कई बार कोई व्यक्ति कहता है, “मेरे साथ आज तक ऐसा कुछ नहीं हुआ, Touch Wood!” और इसके तुरंत बाद किसी लकड़ी की चीज को छू लेता है। Join Telegram For Fast Update Join लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर ऐसा क्यों किया जाता है? लकड़ी छूने का इस बात से क्या संबंध है? क्या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक कारण है या यह सिर्फ एक पुरानी मान्यता है? दरअसल, “Touch Wood” या “Knock on Wood” एक पुरानी superstition यानी अंधविश्वास/लोक–मान्यता से जुड़ी परंपरा है। आम तौर पर इसका इस्तेमाल अच्छी किस्मत को बनाए रखने या किसी अच्छी बात के बाद संभावित बुरी किस्मत को दूर रखने के लिए किया जाता है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस परंपरा की शुरुआत कहां से हुई, इसका कोई एक पक्का जवाब नहीं है। इसके पीछे कई अलग-अलग theories बताई जाती हैं। Touch Wood का मतलब क्या होता है? Touch Wood का सामान्य अर्थ है—किसी अच्छी बात या सकारात्मक स्थिति का जिक्र करने के बाद लकड़ी को छूना, ताकि वह अच्छी स्थिति बनी रहे और कहीं “बुरी नजर” या bad luck न आ जाए। उदाहरण के लिए अगर कोई कहता है: “मेरी नौकरी में आज तक कोई बड़ी परेशानी नहीं आई, Touch Wood!” तो वह व्यक्ति अक्सर इसके साथ किसी लकड़ी की चीज को छूता है। इस gesture के पीछे सोच यह होती है कि अच्छी किस्मत का जिक्र करने के बाद कहीं व्यक्ति की किस्मत खराब न हो जाए। यानी इसे एक तरह से “Tempting Fate” से बचने की कोशिश माना जाता है। अमेरिका में इसी तरह की परंपरा को अक्सर “Knock on Wood” कहा जाता है, जबकि ब्रिटेन में “Touch Wood” ज्यादा प्रचलित है। दोनों का उद्देश्य लगभग एक ही माना जाता है। अच्छी बात के बाद ही Touch Wood क्यों? इसका संबंध इंसानी सोच में मौजूद एक पुराने डर से है—कहीं अच्छी किस्मत बोलने के बाद खत्म न हो जाए। मान लीजिए कोई व्यक्ति कहता है: “इस साल मैं बिल्कुल बीमार नहीं पड़ा।” […]