Madhu Kambikar Death News: मशहूर मराठी अभिनेत्री मधु कांबीकर का 73 साल की उम्र में निधन, लावणी कला में छोड़ी खास पहचान
Madhu Kambikar Death News: मराठी सिनेमा और महाराष्ट्र की पारंपरिक लोककला के लिए एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेत्री और प्रसिद्ध लावणी कलाकार मधु कांबीकर का 12 अक्टूबर 2026 को पुणे में निधन हो गया। वह 73 वर्ष की थीं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह पिछले कई वर्षों से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही थीं। उनके निधन से मराठी मनोरंजन जगत और लोककला से जुड़े कलाकारों में शोक है। Join Telegram For Fast Update Join मधु कांबीकर ने अपने चार दशक से अधिक लंबे करियर में मराठी फिल्मों, थिएटर, टेलीविजन और लोकनाट्य के माध्यम से दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई। अभिनय के साथ-साथ लावणी नृत्य में उनके योगदान को भी याद किया जा रहा है। Madhu Kambikar का 73 साल की उम्र में निधन मधु कांबीकर ने पुणे में अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से बीमार थीं और 2016 में मंच पर प्रस्तुति के दौरान स्ट्रोक आने के बाद उनकी सेहत पर गंभीर असर पड़ा था। इस घटना के बाद उन्हें कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा और वह सार्वजनिक मंचों से दूर हो गई थीं। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित कई लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनके कला जगत में योगदान और यादगार भूमिकाओं को याद किया गया। मंच पर प्रस्तुति के दौरान बिगड़ी थी तबीयत मधु कांबीकर की जिंदगी में साल 2016 एक बड़ा मोड़ साबित हुआ। रिपोर्ट्स के अनुसार, 27 नवंबर 2016 को मुंबई के यशवंत नाट्य मंदिर में एक कार्यक्रम के दौरान वह लावणी प्रस्तुति दे रही थीं। इसी दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। बताया जाता है कि उन्हें स्ट्रोक आया था, जिसके कारण उनके शरीर का दायां हिस्सा प्रभावित हुआ। इसके बाद उनकी सेहत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ और उन्हें अभिनय तथा मंचीय प्रस्तुतियों से दूरी बनानी पड़ी। कई वर्षों तक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझने के बाद 12 अक्टूबर 2026 को उनका निधन हो गया। Madhu Kambikar Career: मराठी फिल्मों से थिएटर तक बनाई पहचान मधु कांबीकर ने मराठी मनोरंजन जगत में अपने अभिनय से अलग पहचान बनाई थी। उन्होंने फिल्मों के अलावा लोकनाट्य, व्यावसायिक रंगमंच और टेलीविजन में भी काम किया। गंभीर किरदारों से लेकर हास्य भूमिकाओं तक, उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदारों को पर्दे पर उतारा। फिल्म ‘शापित’ में उनके अभिनय को विशेष पहचान मिली। इसके अलावा वह ‘हेच माझं माहेर’, ‘राघुमैना’, ‘एक होता विदूषक’, ‘झपाटलेला’, ‘देबू’ और ‘येऊ का घरात’ जैसी फिल्मों में भी नजर आईं। उनकी भूमिकाओं ने मराठी दर्शकों के बीच उन्हें लोकप्रिय बनाया। फिल्मों के साथ थिएटर में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। उनके अभिनय की विविधता और सहज प्रस्तुति को उनके करियर की खास विशेषताओं में गिना जाता है। लावणी कला को लोकप्रिय बनाने में दिया योगदान मधु कांबीकर की पहचान केवल एक अभिनेत्री के रूप में नहीं थी। वह महाराष्ट्र की पारंपरिक लोककला लावणी की प्रमुख कलाकारों में भी शामिल थीं। लावणी संगीत, नृत्य और अभिनय का ऐसा लोकप्रदर्शन है, जिसका महाराष्ट्र की सांस्कृतिक परंपरा में विशेष स्थान है। मधु कांबीकर ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से इस कला को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने में योगदान दिया। उन्होंने लोकनाट्य और पारंपरिक मंचीय प्रस्तुतियों में भी सक्रिय भूमिका निभाई। उनकी कला में अभिनय और नृत्य का सुंदर मेल देखने को मिलता था। […]





























