दुनिया का सबसे शानदार एयरपोर्ट: जहां झरना, बटरफ्लाई गार्डन और रोबोट करते हैं यात्रियों का स्वागत

अगर आप सोचते हैं कि एयरपोर्ट सिर्फ फ्लाइट पकड़ने की जगह होते हैं, तो सिंगापुर का चांगी एयरपोर्ट (Singapore Changi Airport) आपकी सोच पूरी तरह बदल देगा। यहां पहुंचने के बाद ऐसा लगता है जैसे आप किसी लग्जरी रिसॉर्ट, नेचर पार्क और फ्यूचरिस्टिक टेक्नोलॉजी सेंटर में आ गए हों। यही वजह है कि यह एयरपोर्ट कई बार दुनिया के सर्वश्रेष्ठ एयरपोर्ट का खिताब जीत चुका है। Join Telegram For Fast Update Join 14 बार बन चुका है दुनिया का नंबर-1 एयरपोर्ट सिंगापुर का चांगी एयरपोर्ट अपनी शानदार सुविधाओं, बेहतरीन यात्री अनुभव और अत्याधुनिक तकनीक के कारण दुनिया के सबसे बेहतरीन एयरपोर्ट्स में गिना जाता है। Skytrax World Airport Awards में यह कई बार World’s Best Airport का खिताब अपने नाम कर चुका है। एयरपोर्ट के अंदर है दुनिया का सबसे ऊंचा इंडोर वॉटरफॉल चांगी एयरपोर्ट की सबसे बड़ी पहचान Rain Vortex है। यह लगभग 40 मीटर (130 फीट) ऊंचा दुनिया का सबसे बड़ा इंडोर वॉटरफॉल माना जाता है। दिन में यह प्राकृतिक सुंदरता का अद्भुत नजारा पेश करता है, जबकि रात में यहां म्यूजिक और लाइट शो आयोजित किया जाता है, जिसे देखने हजारों लोग पहुंचते हैं। तितलियों का खूबसूरत गार्डन दुनिया के बहुत कम एयरपोर्ट ऐसे हैं जहां आपको Butterfly Garden देखने को मिले। चांगी एयरपोर्ट में सैकड़ों रंग-बिरंगी तितलियां प्राकृतिक वातावरण में उड़ती नजर आती हैं। यह गार्डन यात्रियों को लंबी यात्रा के दौरान सुकून और प्रकृति का अनुभव देने के लिए बनाया गया है। रोबोट करते हैं यात्रियों की मदद इस एयरपोर्ट पर आधुनिक तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया गया है। यात्रियोंको जानकारी देने वाले स्मार्ट रोबोट AI आधारितसफाई रोबोट ऑटोमेटेडबैगेज सिस्टम फास्टइमिग्रेशन सेल्फचेक-इन और स्मार्ट सर्विस इन सुविधाओं की वजह से यात्रियों का समय बचता है और यात्रा अधिक आरामदायक बनती है। एयरपोर्ट के अंदर ही बना है विशाल गार्डन चांगी एयरपोर्ट को “गार्डन एयरपोर्ट” भी कहा जाता है। यहां कई थीम आधारित गार्डन मौजूद हैं, जैसे— Butterfly Garden Sunflower Garden Cactus Garden Indoor […]

क्या आप जानते हैं? भारत का पहला आधार कार्ड किसे मिला था? जवाब जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे!

क्या आपको लगता है कि भारत का पहला आधार कार्ड किसी बड़े नेता, अधिकारी या मशहूर व्यक्ति को मिला होगा? अगर आपका जवाब “हाँ“ है, तो आप गलत हैं। Join Telegram For Fast Update Join भारत का पहला आधार कार्ड न किसी मंत्री के नाम जारी हुआ था और न ही किसी उद्योगपति के। बल्कि यह सम्मान मिला था महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले के तेंभली (Tembhali) गांव की रहने वाली एक आदिवासी महिला – रंजना सदाशिव सोनवणे (Ranjana Sadashiv Sonawane) को। उन्हें 29 सितंबर 2010 को देश का पहला आधार नंबर जारी किया गया था। यह आधार पत्र तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने राष्ट्रीय लॉन्च कार्यक्रम के दौरान उन्हें सौंपा था। आखिर एक आदिवासी महिला को ही पहला आधार कार्ड क्यों मिला? आधार योजना का उद्देश्य सिर्फ पहचान पत्र बनाना नहीं था, बल्कि देश के हर निवासी खासतौर पर गरीब, ग्रामीण और वंचित वर्ग—तक सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचाना था। इसी सोच के तहत पहले आधार नंबर के लिए किसी बड़े शहर या प्रसिद्ध व्यक्ति की बजाय एक दूरदराज़ गांव की महिला को चुना गया। पहला आधार कार्ड मिलने के समय कौन–कौन मौजूद था? 29 सितंबर 2010 को आयोजित कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियां मौजूद थीं, जिनमें शामिल थे तत्कालीनप्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह तत्कालीनयूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी UIDAI केपहले अध्यक्ष नंदन नीलेकणी इसी कार्यक्रम के साथ आधार परियोजना का राष्ट्रीय स्तर पर औपचारिक शुभारंभ हुआ। क्या आप यह भी जानते हैं? रंजनासोनवणे के 5 वर्षीय बेटे हितेश को देश का दूसरा आधार नंबर जारी किया गया था। उससमय आधार दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल पहचान परियोजनाओं में से एक बनने की शुरुआत कर रहा था। आजआधार भारत के लगभग हर सरकारी और कई निजी डिजिटल सेवाओं की पहचान प्रणाली का अहम हिस्सा बन चुका है। आज आधार कार्ड का महत्व आज आधार कार्ड केवल पहचान का दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि कई सेवाओं में इसका उपयोग किया जाता है, जैसे— बैंकखाता खोलना सरकारीयोजनाओं का लाभ LPG सब्सिडी पेंशन छात्रवृत्ति मोबाइलसिम सत्यापन विभिन्नसरकारी सेवाओं में पहचान प्रमाण हालांकि, किन सेवाओं में आधार आवश्यक है, यह समय-समय पर लागू नियमों और न्यायालयों के निर्देशों के अनुसार तय होता है। रोचक तथ्य भारत का पहला आधार कार्ड किसी पुरुष को नहीं, बल्कि एक आदिवासी महिला रंजना सदाशिव सोनवणे को जारी किया गया था। यह फैसला इस बात का प्रतीक था कि डिजिटल पहचान की इस नई पहल का उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक पहुंचना था, […]

Plastic Note Revolution: भारत में आ रहे हैं प्लास्टिक के नोट, RBI का 5 शहरों में महा-ट्रायल शुरू!

क्या आपके नोट भी जेब में रखे-रखे फट जाते हैं या पानी में भीगकर खराब हो जाते हैं? अब इस टेंशन से हमेशा के लिए छुट्टी मिलने वाली है! भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश में कागजी नोटों को बदलकर प्लास्टिक करेंसी (Polymer Notes) लाने की पूरी तैयारी कर चुका है. देश की पूरी करेंसी व्यवस्था को बदलने […]