IND vs WI 1st ODI: विराट कोहली ने रचा इतिहास, 15 हजार ODI रन पूरे; बोले- करियर के इस पड़ाव पर खुद का नया वर्जन तलाशना रोमांचक
IND vs WI 1st ODI: भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए पहले वनडे मुकाबले में विराट कोहली ने एक बार फिर अपने बल्ले से खास उपलब्धि हासिल की। तिरुवनंतपुरम में खेले गए इस मुकाबले में कोहली ने शानदार शतक लगाया और वनडे क्रिकेट में 15,000 रन पूरे करने वाले दुनिया के दूसरे बल्लेबाज बन गए। उनसे पहले यह उपलब्धि सचिन तेंदुलकर हासिल कर चुके हैं। Join Telegram For Fast Update Join कोहली ने इस मुकाबले में आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की। उन्होंने अपनी पारी में 9 छक्के और 10 चौके लगाए। उनका शतक वनडे करियर का 55वां शतक रहा और रिपोर्ट के अनुसार यह उनका वनडे में तीसरा सबसे तेज शतक भी था। भारत ने वेस्टइंडीज के सामने 296 रन का लक्ष्य रखा था, जिसे टीम ने 41.4 ओवर में 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया। भारत की ओर से कोहली और शुभमन गिल ने शतकीय पारियां खेलीं। विराट कोहली ने पूरे किए 15,000 ODI रन विराट कोहली ने अपनी पारी के दौरान वनडे क्रिकेट में 15,000 रन का आंकड़ा पार किया। इस उपलब्धि के साथ वह सचिन तेंदुलकर के बाद इस आंकड़े तक पहुंचने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए। कोहली के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास रही क्योंकि उन्होंने यह मुकाम अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के साथ हासिल किया। 15,000 रन पूरे करने के लिए जरूरी रन हासिल करते समय उन्होंने लगातार बाउंड्री लगाईं। 55वां वनडे शतक, 9 छक्कों के साथ शानदार पारी विराट कोहली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे में अपने वनडे करियर का 55वां शतक लगाया। इस पारी में उन्होंने 9 छक्के लगाए, जो वनडे की एक पारी में उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बताया गया है। इसके अलावा कोहली ने 10 चौके भी लगाए। उनकी बल्लेबाजी में इस बार बड़े शॉट्स के साथ तेज रन बनाने का प्रयास साफ दिखाई दिया। कोहली ने मैच की शुरुआत में ही आक्रामक रुख अपनाया। उनकी पारी के शुरुआती पांच गेंदों में से एक पर उन्होंने छक्का लगाया और इसके बाद भी बड़े शॉट्स का सिलसिला जारी रखा। कोहली ने बताया– करियर के इस पड़ाव पर क्या बदल रहा है? मैच के बाद विराट कोहली ने अपनी बल्लेबाजी में आए बदलाव को लेकर बात की। उन्होंने बताया कि करियर के इस चरण में उन्हें खुद के एक नए रूप को विकसित करने की चुनौती मिली है। उनके अनुसार, इस चुनौती ने उन्हें अधिक आक्रामक अंदाज में खेलने और अपनी बल्लेबाजी में एक और स्तर जोड़ने के लिए प्रेरित किया। कोहली ने यह भी कहा कि इससे उन्हें मैदान पर अधिक स्वतंत्र होकर खेलने में मदद मिली। उनकी इस सोच का असर मैच में उनकी बल्लेबाजी पर भी नजर आया। पहले जहां वनडे क्रिकेट में कोहली का फोकस लंबे समय तक क्रीज पर टिककर पारी को आगे बढ़ाने और जोखिम कम रखने पर रहा है, वहीं इस पारी में उन्होंने सेट होने के बाद हर गेंद से अधिकतम रन हासिल करने की कोशिश की। फिटनेस को मानते हैं अपनी बल्लेबाजी का अहम हिस्सा विराट कोहली ने अपनी बल्लेबाजी के पीछे फिटनेस और मानसिक स्थिति को भी महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, एक स्वतंत्र और स्पष्ट मानसिकता के साथ खेलने के लिए शरीर का फिट रहना जरूरी है। उनका मानना है कि जब शरीर फिट होता है तो खिलाड़ी मैदान पर अपनी रणनीति और सोच को बेहतर तरीके से लागू कर सकता है। कोहली ने यह भी बताया कि उनका फोकस बहुत ज्यादा अभ्यास करने के बजाय मानसिक रूप से तरोताजा रहने, वर्तमान स्थिति पर ध्यान देने और मैदान पर खुद को अभिव्यक्त करने पर रहता है। 2026 में वनडे में कोहली का प्रदर्शन रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में इस मुकाबले से पहले विराट कोहली ने सात ODI पारियों में 523 […]





























