बच्चों की सेहत का सुरक्षा कवच! राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम 

क्या आप जानते हैं कि सरकार आपके बच्चों को 30 से ज़्यादा गंभीर बीमारियों से बचाने और उनका मुफ़्त इलाज कराने की ज़िम्मेदारी उठा रही है? राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) का सीधा मकसद है—हर बच्चे को मिले बीमारी से आज़ादी और एक बेहतरीन बचपन! बिना किसी लंबे पैराग्राफ के, आइए इस योजना की हर ज़रूरी बात को फटाफट छोटे पॉइंट्स में समझते हैं।

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RBSK की 6 सबसे बड़ी बातें (Short & Crisp)

  • टारगेट ग्रुप:नवजात शिशु से लेकर 18 वर्ष तक के सभी बच्चे और किशोर।
  • फ्री ट्रीटमेंट:बीमारी की पहचान से लेकर सर्जरी और इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी।
  • 4-Ds पर फोकस:बच्चों में 4 मुख्य कमियों (Defects, Deficiencies, Diseases, Developmental Delays) की जांच।
  • कहाँ होगी जांच:आंगनवाड़ी केंद्रों और सरकारी/सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में मोबाइल हेल्थ टीमें खुद जाएंगी।
  • सालाना स्क्रीनिंग:स्कूल जाने वाले बच्चों की साल में कम से कम एक बार और आंगनवाड़ी के बच्चों की साल में दो बार जांच।
  • जीरो रिस्क, फुल केयर:बीमारी का शुरुआत में ही पता लगाकर बच्चे के भविष्य को सुरक्षित करना।

 

योजना का Quick Overview

मुख्य बिंदु (Feature) नियम और विवरण (Details)
स्कीम का नाम राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK)
लाभार्थी (Age Group) 0 से 18 वर्ष तक के बच्चे
जांच का स्थान सरकारी स्कूल, सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र
इलाज का खर्च 100% कैशलेस और मुफ़्त (Government Funded)
जांच टीम आयुष डॉक्टर, एएनएम (ANM) और फार्मासिस्ट की मोबाइल टीम

 

4-Ds के तहत कवर होने वाली मुख्य बीमारियां

कैटेगरी (The 4-Ds) कवर होने वाली समस्याएं (Health Conditions)
1. जन्म के समय दोष (Defects at Birth) कटे होंठ/तालू (Cleft Lip), क्लब फुट, जन्मजात मोतियाबिंद, डाउन सिंड्रोम।
2. कमियां (Deficiencies) एनीमिया (खून की कमी), विटामिन A और D की कमी, गंभीर कुपोषण (SAM)।
3. बचपन की बीमारियां (Diseases) त्वचा रोग, कान में संक्रमण, सांस की तकलीफ, दांतों की समस्याएं।
4. विकास में देरी (Developmental Delays) कम सुनना, कम दिखना, बोलने में दिक्कत, सीखने में देरी (Autism/ADHD)।

 

मुफ़्त इलाज पाने का सीधा रास्ता

  • स्क्रीनिंग:मोबाइल हेल्थ टीम स्कूल या आंगनवाड़ी में बच्चे की जांच करेगी।
  • हेल्थ कार्ड:जांच के बाद बच्चे को एक यूनिक हेल्थ कार्ड जारी किया जाता है।
  • रेफ़रल:अगर कोई बीमारी मिलती है, तो बच्चे को DEIC (डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर) या सरकारी अस्पताल भेजा जाता है।
  • इलाज/सर्जरी:बड़े अस्पतालों में बच्चे का पूरा ऑपरेशन या इलाज बिना ₹1 खर्च किए किया जाता है।

 

अपने बच्चे के स्कूल या नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र से संपर्क करें और सुनिश्चित करें कि उनका ‘RBSK हेल्थ कार्ड’ बना हो। सही समय पर सही जांच, बच्चे को देगी एक लंबी और सेहतमंद जिंदगी!

 

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